Tuesday, September 2, 2008

सभी के सूचनार्थ

नमस्कार !सभी के सूचनार्थ ,मेरे ब्लॉगस वाणी और मंथन का पासवर्ड खो जाने से मैंने दो नए ब्लॉग बनाये हैं आरोही जिसका URL हैं http://aarohijivantarang.blogspot.com/
और
वीणापाणी जिसका URL हैं http://vaniveenapani.blogspot.com/

मेरे अभी तक के वाणी और मंथन के प्रयास में आप सभी ने मेरा बहुत उत्साह वर्धन किया ,डॉ,चन्द्र कुमार जैन,महेन जी ,सुश्री लावण्या जी ,श्री दिनेश राय द्विवेदी जी,श्री राज भाटिया जी ,श्री अनुनाद सिंह जी,श्री अजित वडनेरकर जी,श्री जीतेन्द्र भगत जी,सुश्री पारुल जी ,श्री नीरज गोस्वामी जी ,श्री समीर जी,श्री अनिल पुसड़कर जी , श्री राजेश रोशन जी ,सुश्री शोभा जी,श्री अनूप शुक्ल जी,श्री सिद्धेश्वर जी,श्री तरुण जी,श्री प्रियंकर जी ,श्री शिवकुमार मिश्रा जी ,श्री कुश जी,सुश्री रंजना जी,श्री रंजन जी ,डॉ अमर कुमार जी,श्री जीतेन्द्र जी,सुश्री वर्षा जी,व सुश्री संगीता पुरी जी की मैं विशेष रूप से आभारी हूँ की आप सभी ने मेरे दोनों ब्लोग्स पढ़े,व अपनी टिप्पणिया दर्ज करवाकर मुझे रोज़ नया और अच्छा लिखने का हौसला दिया । मुझे भरोसा हैं की आप सब आगे भी मुझे इसी तरह लेखन की प्रेरणा देते रहेंगे। वाणी नामक ब्लॉग पर जो भी मैं संगीत के विषय में लिखती थी अब आपको वीणापाणी पर पढने मिलेगा,और मंथन ब्लॉग की सामग्री आरोही ब्लॉग पर उपलब्ध होगी।

2 comments:

  1. हिम्मत ना हारे, कोई रास्ता जरुर मिल जाये गा

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  2. नए चिट्टे की बहुत बहुत बधाई, निरंतर सक्रिय लेखन से हिन्दी ब्लॉग्गिंग को समृद्ध करते रहें.

    आपका मित्र
    सजीव सारथी
    आवाज़

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